इस बार ऐसी दीवाली मनाएंगे- Poem by Lipi garg

 "इस बार ऐसी दीवाली मनाएंगे


इस बार ऐसी दीवाली मनाएंगे ,

अपने देश को आत्मनिर्भर बनाएंगे ।


चीनी सामानों को अपने त्योहारों में ना घुसाएंगे ।

अपनी परंपरा ,अपने रिवाज खुद के तरीके से निभाएंगे ।

इस बार ऐसी दीवाली मनाएंगे ,

अपने देश को आत्म निर्भर बनाएंगे ॥


ड्रैगन के खतरे से खुद को बचाएंगे ,

अपने बाजार की रौनक फिर से लौटाएंगे ।

 जो खतरा है हमारे देश के वास्ते , 

उस खतरे से देश को बचाएंगे ।

इस बार ऐसी दीवाली मनाएंगे ।

अपने देश को आत्मनिर्भर बनाएंगे ॥


 दिए , फुलझड़ी , उपहार सभी स्वदेशी ही लाएंगे।

अपने भाइयों , अपने लोगों को आगे बढ़ाएंगे ।

इस बार ऐसे दिवाली मनाएंगे ।

अपने देश को आत्मनिर्भर बनाएंगे ॥


जब सभी खुशहाल होंगे ,सभी दिल से मुस्कुराएंगे ।

तभी श्री राम जी खुश होंगे और हम लक्ष्मी जी को घर लाएंगे ।

इस बार ऐसी दीवाली मनाएंगे ।

अपने देश को आत्मनिर्भर बनाएंगे ॥"



Web Title:  Poem by Lipi  garg , Vayam official blog content

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