आत्मनिर्भर होंगे हम poem by Nikita Prajapati

 

आत्मनिर्भर होंगे हम
बोलो वन्दे मातरम्

फेसवॉश से लेकर सनस्क्रीन तक
सेब से लेकर काजू तक
सबसे आगे होंगे हम
आत्मनिर्भर होंगे हम
बोलो वन्दे मातरम्
छोटी छोटी चीजों से लेकर
जरूरत की हर बड़ी चीज
स्वदेशी ही लाएंगे हम
आत्मनिर्भर होंगे हम
बोलो वन्दे मातरम
अर्थवयवस्था को सुधारने से लेकर
उसको बेहतर बनाने तक
एक साथ होंगे हम
आत्मनिर्भर होंगे हम
बोलो वन्दे मातरम्
देश की छवि को अच्छे से
श्रेष्ठ बनाने तक
एक भारत को श्रेष्ठ भारत बनाने तक
आगे बढ़ते रहेंगे हम
आत्मनिर्भर होंगे हम
बोलो वन्दे मातरम्।


Web Title: nikita prajapati


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